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हम और ज़िंदगी
प्रेम की परिभाषा: Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली नाज़्म
Furkan S Khan द्वारा रचित प्रेम पर एक सुंदर नाज़्म, जो प्रेम के गहरे एहसास और जीवन में उसके महत्व को दर्शाती है।
Nazm By Furkan S Khan
प्रेम वो एहसास है जो रूह में समाया है,
हर धड़कन में जिसका नाम आया है।
जीवन की राहों पर जिसकी शीतल छाया है,
उसने ही तो हर खोए को किनारा दिलाया है।
Nazm By Furkan S Khan
इश्क़ वो रंग है जो हर दिल में भरता है,
ख़ामोशी को भी अक्सर वो बयाँ करता है।
जीने की वजह देता है, कभी जीने से डरता है,
ये वो समंदर है जो हर पल नया बढ़ता है।
Nazm By Furkan S Khan
मोहब्बत की सदा हर साँस में रहती है,
हर ज़ख्म को भी वो चुपचाप सहती है।
ख़ामोश निगाहों से भी बहुत कुछ कहती है,
ये वो नदी है जो निरंतर बहती है।
प्रेम की परिभाषा
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: समाया, आया, छाया, दिलाया | Radeef: है
प्रेम वो एहसास है जो रूह में समाया है,
हर धड़कन में जिसका नाम आया है।
जीवन की राहों पर जिसकी शीतल छाया है,
उसने ही तो हर खोए को किनारा दिलाया है।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: भरता, करता, डरता, बढ़ता | Radeef: है
इश्क़ वो रंग है जो हर दिल में भरता है,
ख़ामोशी को भी अक्सर वो बयाँ करता है।
जीने की वजह देता है, कभी जीने से डरता है,
ये वो समंदर है जो हर पल नया बढ़ता है।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: रहती, सहती, कहती, बहती | Radeef: है
मोहब्बत की सदा हर साँस में रहती है,
हर ज़ख्म को भी वो चुपचाप सहती है।
ख़ामोश निगाहों से भी बहुत कुछ कहती है,
ये वो नदी है जो निरंतर बहती है।
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