प्रेम का रंग: फरकान एस खान की खूबसूरत क़िता
फरकान एस खान द्वारा रचित प्रेम पर एक मधुर क़िता। दिल की गहराइयों से निकली यह कविता प्रेम के विभिन्न रंगों और भावनाओं को दर्शाती है।
गहरा: बहुत अधिक, तीव्र पहचान ले: समझ ले, जान ले मान ले: स्वीकार कर ले जहाँ: दुनिया, संसार जान ले: समझ ले, अवगत हो जा
समंदर: सागर, विशाल जलराशि सफ़र: यात्रा अंदर: भीतर, अंदरूनी
जिस्म: शरीर, देह रूह: आत्मा, प्राण संवरता है: बेहतर होता है, सजता है, निखरता है बंधन: संबंध, जोड़ गुज़रता है: बीतता है, निकलता है
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