मोहब्बत का सुहाना एहसास: एक दिल को छू लेने वाली क़िता

यह क़िता मोहब्बत के गहरे एहसास को बयां करती है, जहाँ प्रिय का साथ जीवन को सुहाना बना देता है और हर पल उसके दीदार की चाहत रहती है।

Friday, September 11, 2026
AMP 0 0
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
मोहब्बत का सुहाना एहसास: एक दिल को छू लेने वाली क़िता
“मोहब्बत का सुहाना एहसास: एक दिल को छू लेने वाली क़िता”
Favicon
Vews
https://mail.vews.in/hum-aur-zindagi/the-pleasant-feeling-of-love-a-heart-touching-qita
Date
11 September 2026
Qita — By Furkan S Khan
जब से तुम आए जीवन में, सब कुछ सुहाना लगता है, तुम्हारे बिन हर पल एक बहाना लगता है। ये दिल बस तुम्हें ही पुकारे, हर लम्हा तेरा दीदार चाहता है, तेरे इश्क़ में ये जहाँ सारा, बेगाना लगता है।
Qita — By Furkan S Khan
चाँदनी रातों में, दिल मेरा यूँ ही जगमग करता है, तेरे ख्यालों में, हर पल एक नई सरगम गाता है। ये कैसी कशिश है तेरी, जो मुझे तेरी ओर खींचे, मेरा हर गीत, बस तेरा ही तराना गाता है।

सुहाना: मनभावन, प्रिय। बहाना: कोई कारण। दीदार: नज़ारा, देखना। बेगाना: पराया, अजनबी।

जगमग: चमकता हुआ, प्रकाशमान। सरगम: संगीत के सुरों का समूह। कशिश: खिंचाव, आकर्षण। तराना: गीत, गान।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User